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आधुनिक इतिहास

इस अनुभाग में आधुनिक इतिहास के बारे में जानकारी दी जायेगी। इसमें भारत के महान् क्रांतिकारियों का अंग्रेजों से हुये संघर्ष को बताया जायेगा।

जब भाईचारा था तो बंटबारा क्यों हुआ ?

जब भाईचारा था तो बंटबारा क्यों हुआ ?

 द्रविड़ों ने नहीं मांगा “द्रविड़-प्रदेश”, अनार्यों ने नहीं मांगा “अनार्यवृत”। पूर्वोत्तर के लोगों से पूछा जाता रहा कि आप कभी “इंडिया” आए हैं और वे मुस्कराकर कहते रहे कि हम “इंडिया” के ही तो हैं, उन्होंने कभी असंतोष से नहीं कहा कि हमें चाहिए सात राज्यों का एक पृथक “पूर्वांचल परिसंघ”! सिखों ने मांगा था “खालिस्तान”, दस साल सुलगे, शांत ... Read More »

हिंदुओं से ये सब बातें छिपाई क्यों गई

हिंदुओं से ये सब बातें छिपाई क्यों गई

हम से छिपाई गई बाते जानने की जिज्ञासा हो तो  “हमें निष्पक्ष नजरिया रखते हुए”  अपनी पढ़ी हुई पढाई को – पीछे रखते हुए, सत्य को जानने के लिये – हमे ये जानना होगा, कब ,कहाँ और किस – किस “महापुरुष” ने — किस किस “विद्द्वान” ने — क्या क्या “कहा” और क्या क्या “लिखा” और क्या क्या “किया”। आप ... Read More »

आपातकाल का अत्‍याचार आत्‍मा को कंपा दिया था

आपातकाल का अत्‍याचार आत्‍मा को कंपा दिया था

1975 की तपती गर्मी के दौरान अचानक भारतीय राजनीति में भी बेचैनी दिखी. यह सब हुआ इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले से जिसमें इंदिरा गांधी को चुनाव में धांधली करने का दोषी पाया गया और उन पर छह वर्षों तक कोई भी पद संभालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन इंदिरा गांधी ने इस फैसले को मानने से ... Read More »

गांधी की सच्चाई अवश्य जानें

गांधी की सच्चाई अवश्य जानें

प्रथम विश्व युद्ध में जब स्थिति बदली तो तुर्की अंग्रेजों के विरुद्ध और जर्मनी के पक्ष में हो गया। विश्व युद्ध में जर्मनी की पराजय के पश्चात अंग्रेजों ने तुर्की को मजा चखने के लिए तुर्की को विघटित कर दिया। अंग्रेज तुर्की के खलीफा के विरोध में सामने आ गए। मुसलमान खलीफा को अपना नेता मानते थे। उनमे अंग्रेजों के ... Read More »

जो कौमें अपना इतिहास भूल जाती हैं.. उनका कोई भविष्य नहीं हुआ करता.. !!

जो कौमें अपना इतिहास भूल जाती हैं.. उनका कोई भविष्य नहीं हुआ करता.. !!

“मुस्लिम कौम इतनी निर्दयी हो सकती है कोई सोच भी नहीँ सकता था”… पहली ट्रेन पाकिस्तान से – अगस्त 15, 1947 की सुबह का स्वतंत्र सूर्य #उदय हो चुका था.. अमृतसर का लाल इंटो वाला वो रेलवे स्टेशन अच्छा खासा शरणार्थियों कैम्प बना हुआ था! पंजाब के पाकिस्तानी हिस्से से भागकर आये हुए हज़ारों हिन्दुओ-सिखों को यहाँ से दूसरे ठिकानों ... Read More »

जो कौमें अपना इतिहास भूल जाती हैं.. उनका कोई भविष्य नहीं हुआ करता.. !!

जो कौमें अपना इतिहास भूल जाती हैं.. उनका कोई भविष्य नहीं हुआ करता.. !!

“मुस्लिम कौम इतनी निर्दयी हो सकती है कोई सोच भी नहीँ सकता था”… पहली ट्रेन पाकिस्तान से – अगस्त 15, 1947 की सुबह का स्वतंत्र सूर्य #उदय हो चुका था.. अमृतसर का लाल इंटो वाला वो रेलवे स्टेशन अच्छा खासा शरणार्थियों कैम्प बना हुआ था! पंजाब के पाकिस्तानी हिस्से से भागकर आये हुए हज़ारों हिन्दुओ-सिखों को यहाँ से दूसरे ठिकानों ... Read More »

देश तोड़ने के लिए गद्दारों की तिकड़ी

देश तोड़ने के लिए गद्दारों की तिकड़ी

दलित+मुस्लिम गठजोर के कारण ही पाकिस्तान बना था। वही खेल मायावती, केजरी और कॉंग्रेस फिर खेल रहे हैं भारत को दुबारा तोड़ने के लिए। जब पाकिस्तान बना तो लाखो हिन्दू पाकिस्तान चले गये इनमे से अधिकतर हमारे दलित भाईओं के परिवार थे जिन्हें विश्वास था मुसलमान उनका साथ देंगे, उन्हें अपनाएंगे | लेकिन उनके साथ क्या हुआ, इसे जानना जरूरी ... Read More »

हिंदू ब्राह्मण हैं ओवैसी के पूर्वज, धर्मांतरण से इतिहास नहीं बदलता

हिंदू ब्राह्मण हैं ओवैसी के पूर्वज, धर्मांतरण से इतिहास नहीं बदलता

New Delhi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विचारक राकेश सिन्हा ने गुरुवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वजों को हिंदू ब्राह्मण बता कर सोशल मीडिया पर नया विवाद पैदा कर दिया है प्रोफेसर सिन्हा ने अपने ट्वीटर खाते पर गुरुवार को ओवैसी को संबोधित करते हुए कहा कि आपके पुरखे हैदराबाद ... Read More »

देश को हक़ है जानने का, किन गद्दारों की वजह से भारत नहीं लौट सके नेताजी

देश को हक़ है जानने का, किन गद्दारों की वजह से भारत नहीं लौट सके नेताजी

यह संभव है कि 1945 मेँ नेताजी ने विमान दुर्घटना और अपनी मौत की खबर स्वयं फैलाई हो ताकि अंग्रेजो को चकमा दिया जा सके. विश्व युद्ध में जापान की हार के बाद नेताजी रूस जाना चाहते थे. यह बात उन्होंने अपने करीबियों को बताई थी और जापानियों से अपने मंचूरिया जाने का प्रबंध करने को कहा था. संभवतः नेताजी ... Read More »

जब ओवैसी के दादा को पटेल ने जेल में ठूंस दिया था

जब ओवैसी के दादा को पटेल ने जेल में ठूंस दिया था

 13 सितम्बर 1948 को भारत में पहली बार इमरजेंसी जैसी स्थिति बनी. ये 1975 की इंदिरा इमरजेंसी से अलग थी. इस दिन भारत के 36 हज़ार सैनिकों ने हैदराबाद में डेरा डाला. 13 से लेकर 17 सितम्बर तक भयानक क़त्ल-ए-आम हुआ. कहा गया कि हजारों लोगों को लाइन में खड़ा कर गोली मार दी गई. आर्मी ने इसे ‘ऑपरेशन पोलो’ ... Read More »