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कुतुबमीनार की सच्चाई !! अवश्य पढ़े और शेयर करें !!

1191 में मोहम्मद गौरी ने दिल्ली पर आक्रमण किया, तराइन के मैदान में पृथ्वी राज चौहान के साथ युद्ध मेंगौरी बुरी तरह पराजित हुआ, 1192 में गौरी नेदुबारा आक्रमण में पृथ्वीराज को हरा दिया,
कुतु……बुद्दीन, गौरी का सेनापति था. 1206 में गौरी ने कुतुबुद्दीन को अपना नायब नियुक्त
किया और जब 1206 में मोहम्मद गौरी की मृत्यु हुई वहगद्दी पर बैठा. अनेक विरोधियों को समाप्त करने में उसे लाहौर में ही दो वर्ष लग गए I 1210 लाहौर मेंपोलो खेलते हुए घोड़े से गिरकर उसकी मौत हो गयी. अब इतिहास के पन्नों में लिख दिया गया हैकि कुतुबुद्दीन ने क़ुतुब मीनार, कुवैतुल इस्लाम मस्जिद औरअजमेर में अढाई दिन का झोपड़ा नामक मस्जिदभी बनवाई I
अब कुछ प्रश्न ……. अब कुतुबुद्दीन ने क़ुतुब मीनार बनाई, लेकिन कब ? क्या कुतुबुद्दीन ने अपने राज्य काल 1206 से 1210 मीनार का निर्माण करा सकता था ? जबकि पहले केदो वर्ष उसने लाहौर में विरोधियों को समाप्त करने मेंबिताये और 1210 में भी मरने के पहले भी वह लाहौर में
था ?……शायद नहीं I
कुछ ने लिखा कि इसे 1193 में बनाना शुरू किया. यह भी कि कुतुबुद्दीन ने सिर्फ एक ही मंजिल बनायीं. उसके ऊपर तीन मंजिलें उसके परवर्ती बादशाह इल्तुतमिश नेबनाई और उसके ऊपर कि शेष मंजिलें बाद में बनी I यदि 1193 में कुतुबुद्दीन ने मीनार बनवाना शुरूकिया होता तो उसका नाम बादशाह गौरी के नामपर “गौरी मीनार “या ऐसा ही कुछ होता न कि सेनापति कुतुबुद्दीन के नाम पर क़ुतुब मीनार I
उसने लिखवाया कि उस परिसर में बने 27 मंदिरों को गिरा कर उनके मलबे से मीनार बनवाई, अब
क्या किसी भवन के मलबे से कोई क़ुतुब मीनारजैसा उत्कृष्ट कलापूर्ण भवन बनाया जा सकता है
जिसका हर पत्थर स्थानानुसार अलग अलग नाप का पूर्वनिर्धारित होता है ? कुछ लोगो ने लिखा कि नमाज़ समय अजान देने के लिएयह मीनार बनी पर क्या उतनी ऊंचाई सेकिसी कि आवाज़ निचे तक आ भी सकती है ? उपरोक्त सभी बातें झूठ का पुलिंदा लगती है इनमें कुछभी तर्क की कसौटी पर सच्चा नहीं सच तो यह हैकी जिस स्थान में क़ुतुब परिसर है वहमेहरौली कहा जाता है, मेहरौली वराहमिहिर के नामपर बसाया गया था जो सम्राट चन्द्रगुप्तविक्रमादित्य के नवरत्नों में एक , और खगोलशास्त्री थे
उन्होंने इस परिसर में मीनार यानि स्तम्भ के चारों ओरनक्षत्रों के अध्ययन के लिए २७ कलापूर्ण
परिपथों का निर्माण करवाया था I इन परिपथों केस्तंभों पर सूक्ष्म कारीगरी के साथ देवी देवताओं
की प्रतिमाएं भी उकेरी गयीं थीं जो नष्ट किये जानेके बाद भी कहीं कहींदिख जाती हैं I कुछ संस्कृत
भाषा के अंश दीवारों और बीथिकाओं के स्तंभों परउकेरे हुए मिल जायेंगे जो मिटाए गए होने के बावजूद पढ़ेजा सकते हैं I मीनार , चारों ओर के निर्माणका ही भाग लगता है, अलग से बनवाया हुआ नहीं लगता, इसमे मूल रूप में सात मंजिलें थीं सातवीं मंजिल पर ” ब्रम्हा जी की हाथ में वेद लिए हुए “मूर्ति थी जो तोड़ डाली गयीं थी,छठी मंजिल पर विष्णुजी की मूर्ति के साथ कुछ निर्माण थे वे भी हटा दिए
गए होंगे, अब केवल पाँच मंजिलें ही शेष है इसका नामविष्णु ध्वज /विष्णु स्तम्भ या ध्रुव स्तम्भ प्रचलन में थे. इन सब का सबसे बड़ा प्रमाण उसी परिसर में खड़ा लौहस्तम्भ है जिस पर खुदा हुआ ब्राम्ही भाषा का लेखजिसे झुठलाया नहीं जा सकता ,लिखा है की यह स्तम्भजिसे गरुड़ ध्वज कहा गया है, सम्राट चन्द्र गुप्तविक्रमादित्य (राज्य काल 380-414 ईसवीं) द्वारा स्थापित किया गया था और यह लौह स्तम्भ
आज भी विज्ञानं के लिए आश्चर्य की बात है कि आजतक इसमें जंग नहीं लगा.

उसी महानसम्राट के दरबार में महान गणितज्ञ आर्य भट्ट,खगोल शास्त्री एवं भवननिर्माण विशेषज्ञ वराह मिहिर, वैद्य राज ब्रम्हगुप्तआदि हुए. ऐसे राजा के राज्य काल को जिसमे लौह स्तम्भ स्थापित हुआ तो क्या जंगल में अकेला स्तम्भबना होगा निश्चय ही आसपास अन्य निर्माण हुए होंगेजिसमे एक भगवन विष्णु का मंदिर था उसी मंदिर केपार्श्व में विशालस्तम्भ वि ष्णुध्वज जिसमे सत्ताईसझरोखे जो सत्ताईस नक्षत्रो व खगोलीय अध्ययन केलिए बनाए गए निश्चय ही वराह मिहिर के निर्देशन मेंबनाये गए. इस प्रकार कुतब मीनार के निर्माण का श्रेय सम्राटचन्द्र गुप्त विक्रमादित्य के राज्य कल में खगोलशाष्त्री वराहमिहिर को जाता है I कुतुबुद्दीन ने सिर्फ इतना किया कि भगवान विष्णु केमंदिर को विध्वंस किया उसे कुवातुल इस्लाम मस्जिदकह दिया, विष्णु ध्वज (स्तम्भ ) के हिन्दू संकेतों को छुपाकर उन पर अरबी के शब्द लिखा दिए औरबन गया क़ुतुब मीनार!

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12 comments

  1. बहुत बहुत धन्‍यवाद ऐसी जानकारी देने के लिये

  2. ye babar akar muslim payeda kar gaya kya babar apni aurato ko laya tha nahi yahi raj kia ablao nari se balatkar kiya aur paida huye muslim apne ko khuda banake puja karwata raha aur muslim ki janshankya badahata raha per ye muslim samajhte hai humara dharm alag hai nahi tum hindu ke khok se payada hue ho lekin najayaj aulad ho humari mandiro ko tod kar masjid banaya humare devi devtao ka aphmaan kiya

  3. Yes they do

  4. Thanks this information

  5. TULSIDAS CHANDNA

    veryeducative article– thanks to the writer- t.d.chandna

  6. Thanks for this true information

  7. वेदज्ञ

    क्या बकवास है! यूँ कहो कि तुम सब हिजड़े थे! बाहर से कोई आया, तुम्हें मारा, काटा, पीटा, तुम्हारी औरतें अगवा कीं! तुमने क्या तलवार की जगह लाठी पकड़ी थी? तुम लोग चार वर्णों में बंटे रहे। पत्थरों को पूजते रहे। घर में घुसे रहे! तलवार का जवाब तलवार से देते! देखते कौन आता फिर! इतिहास वही लिखता है जो जीतता है! तुम कमज़ोर थे, डरपोक! जिसने हिम्मत की उन्हें सलाम! अंदर एक रहते तो क्या गौरी, क्या बाबर और क्या और नादिरशाह या अब्दाली! अपना गिरेबान झांको, और उन्हें बदनाम न करो जिन्होंने जान दे दी! ,मथुरा का राजा भाग गया अब्दाली से बचकर, नाथ साधू लड़े! है कोई याद? जिसकी लाठी उसकी भैंस!!

  8. वेदज्ञ

    वाह! ज़मीन, इमारतें भी अब हिन्दू मुस्लिम! क़ुतुबमीनार मुसलिम! तो ताज? सूरज, चन्द्र? हवा, पानी? वाह! एक बात क्यों नहीं समझते? मज़हब इंसान से है, इंसान मज़हब से नहीं! कल सारे हिन्दू मर जाएँ, तो कहाँ हिन्दू धर्म? कल सारे मुस्लिम मर जाएँ तो कहाँ इस्लाम? ईसाइयत, सिख, पारसी? धरती ही न रहे तब? मज़हब की सीख पर चलो, इंसान बनो, हिन्दू मुसलमान बाद में!

  9. अंग्रेजो ने टीपू सुल्तान को हराया उन अंग्रेजो ने जिनको ठीक से तलवार चलना भी नही अता था तो क्या टीपू सुल्तान को तलवार पकड़ना भी नही आता था कया । जो वो हार गया अंग्रेजो से।

  10. पहले क़ुतुब मीनार को विष्णु स्तम्ब घुशीत करने में मदत कर फिर कोई मुस्लिम खुछ बोलेगा तो बोलना इंसान बनो क्या हिन्दू क्या मुस्लिम उसको तो हिन्दू राजा ने बनाया था तो आखिर में उससे उसका ही होना था । तो धर्म से मत जोड़ो इंसान बनो । येसब बोलना मुस्लिम को । सिर्फ हिन्दुओ को क्यों बोलरहा है ।

  11. 4 वर्णों में आज पूरी दुनिया बाटी हुई है उस्सी से पुरे देश दुनिया का सिस्टम mangemant चल रहा है ।
    bramman _- विज्ञानिक, ज्ञानी,शिक्षक,धर्म नेता ,अर्थ शाश्त्री,समाज शास्त्री,डॉक्टर,इंजीनियर। ये सब ब्रमनं वर्ण में आत्ते है।
    क्षत्रिय- मिलिट्री,नेवी,एयर फ़ोर्स, राजनेता। ये सब क्षत्रिये वर्ण में आते है।
    विशय_- bissnessman जितने भी वयापार करते है । वो सब वैशय वर्ण में आते है।
    शुद्र- जॉब करनेवाले जितने भी है शुद्र वर्ण में आते है

    इससे देश चल ता है और पूरी दुनिया में ये चल रहा है तो दुनिया को क्यू नही बोलते ये बंद करो और देश छलके दिखाओ
    हिन्दुओ को क्यू बोल रहे हो ।
    तुमने management नही पड़ा क्या