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राष्ट्र हुतात्मा

इस अनुभाग में देश के लिये अपने प्राणों की आहुति देने वाले हुतात्‍माओं के बलिदान की  कहानियों को दिया जायेगा।

अगर मुसलमान हो गए तो फिर कभी नहीं मरेंगे न?

अगर मुसलमान हो गए तो फिर कभी नहीं मरेंगे न?

इतिहास में बहुत कम मिसाल मिलेंगी… जब किसी बाप ने कौम के लिए… राष्ट्र के लिए… एक हफ्ते में अपने 4–4 बेटे क़ुर्बान कर दिए हों. आज पूस का वो आठवां दिन था जब दशम् गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी महाराज के दो साहबजादे चमकौर साहब के युद्ध में शहीद हो गए। बड़े साहबजादे श्री अजीत सिंह जी की ... Read More »

जानिये कौन है मेजर शैतान सिंह

जानिये कौन है मेजर शैतान सिंह

वो मेजर शैतान सिंह थे, जिन्होंने 120 जवानों के दम पर चीनी सेना को धूल चटाई और लद्दाख को बचा लिया हते हैं कि अदम्य साहस और मजबूत इरादों वाली घटनाएं तभी सामने आती हैं, जब दांव पर जिंदगियां लगी हों और हार निश्चित दिखाई दे रही हो. इतिहास में ऐसे कई मामले दर्ज हैं, जब इंसान की अद्भुत इच्छाशक्ति ... Read More »

नेताजी सुभाषचंद बोस के बॉडीगार्ड रामफल नहीं रहे, 108 वर्ष की आयु में निधन

नेताजी सुभाषचंद बोस के बॉडीगार्ड रामफल नहीं रहे, 108 वर्ष की आयु में निधन

     नेताजी सुभाष चंद बोस के बॉडी गार्ड रहे आजाद हिंद फौज के जवान रामफल सिंह का 108 साल की आयु में मंगलवार रात को निधन हो गया। औलेढ़ा गांव में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।      इस दौरान क्षेत्र के हजारों लोग मौजूद रहे। वह दो दशक तक नेताजी का दर्शन करने के ... Read More »

मात्र 21 साल की उम्र में पाकिस्तानी टैंकों के परखच्चे उड़ा दिए थे शहीद अरुण क्षेत्रपाल नेंं

मात्र 21 साल की उम्र में पाकिस्तानी टैंकों के परखच्चे उड़ा दिए थे शहीद अरुण क्षेत्रपाल नेंं

“यह आपके बेटे के संबंध में है, जो निश्चित रूप से भारत का हीरो है। हालांकि, उस दिन (युद्ध के दिन) हम दोनों ही सैनिक थे, एक-दूसरे से अंजान, अपने-अपने देशों की सुरक्षा और सम्मान के लिए लड़ रहे थे। मुझे आपको बताने में बेहद अफ़सोस हो रहा है कि आपके बेटे की मृत्यु मेरे हाथों हुई। अरुण का साहस ... Read More »

शहीद करतार सिंह सराभा

शहीद करतार सिंह सराभा

नवनीत मेंहदीरत्‍ता यह आजादी से पूर्व के भारत की एक कहानी है, जब पंजाब का एक बेहद युवा क्रांतिकारी फांसी के तख्‍ते पर भेजे जाने की अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहा था। यह मात्र 19 वर्ष का करतार सिहं सराभा था जो लाहौर विवाद में अपनी कथित भूमिका में शामिल अन्‍य 27 क्रांतिकारियों में से एक था। उसके दादाजी ... Read More »

बुलंद नारों नें अंग्रेजों  की हुकूमत को हिला दिया

बुलंद नारों नें अंग्रेजों की हुकूमत को हिला दिया

 *अर्चना महतो  बजा बिगुल विद्रोह का, नारों ने भरी हुंकार हिली हुकूमत अंग्रेजों की, जब चले शब्दों के बाण जरूरी नहीं कि भावों को व्यक्त करने के लिए हमेशा शब्दों का इस्तेमाल किया जाए, लेकिन जब बात तीव्र और सशक्त अभिव्यक्ति की हो तो शब्द अनिवार्य बन जाते हैं। शब्द, भावों की शक्ति और जज्बातों की जुबां है। ऐसी जुबां ... Read More »

मालवा का मंगल पांडे- शहीद कुंवर चैन सिंह

मालवा का मंगल पांडे- शहीद कुंवर चैन सिंह

अखिल कुमार नामदेव देश में जब अंग्रेजी कुशासन का दौर चल रहा था तब उन्हें सीधे.सीधे चुनौती देने एवं ललकारने का साहस मालवा में सीहोर की धरती पर कुंवर चैनसिंह ने दिखाया। उन्होंने अपने साथियों के साथ फिरंगियों से लोहा लिया उन्हें नाको चने चबवाए लेकिन अंत में वह वीरगति को प्राप्त हो गए। देश में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ... Read More »

दुखद समाचार

दुखद समाचार

 जनसंघ के संस्थापक नेता श्री बलराज मधोक जी का देर रात निधन हो गया । श्री बलराज मधोक जी जन्म 25 फरवरी 1920 को अखंड भारत के बाल्टिस्तान कश्मीर में हुआ था । श्री बलराज मधोक जी कई वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका देहांत राजेन्द्र नगर दिल्ली स्थित उनके निवास पर हुआ । श्री मधोक जी पूरे ... Read More »

न गांधी, न तिलक, बल्कि इस दबंग ने जगाई थी आजादी की अलख

न गांधी, न तिलक, बल्कि इस दबंग ने जगाई थी आजादी की अलख

भारत की आजादी के इतिहास में 1857 की क्रांति ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ बगावत का पहला बिगूल फूंका। यही वह विद्रोह था, जिसने पूरे देश में आजादी की चेतना का सूत्रपात किया और पूरे देश की जनता को यह बताया कि आजादी नाम की भी कोई चीज होती है और देश की हुकूमत पर भारतीयों का नहीं बल्कि बाहर ... Read More »

54 साल बाद 1.25 अरब हिंदुस्तानी जानेगे किसने जान देकर बचाया था अरुणाचल प्रदेश

54 साल बाद 1.25 अरब हिंदुस्तानी जानेगे किसने जान देकर बचाया था अरुणाचल प्रदेश

दिल्ली : गुवाहटी से तवांग जाने के रास्ते मे लगभग 12,000 फीट की उचाई पर बना है जसवंत का युद्ध स्मारक. उनकी शहादत की कहानी आज भी यहां पहुचने वालों के रोंगटे खड़े कर देती है. अकेले ही 300 सैनिक को उतारा था मौत के घाट भारत और चीन के बीच नवंबर 1662 के युद्ध मे वीरगति को प्राप्त हुए ... Read More »