Home / अन्य / हलाला से लेता है मौलवी कमसीन महिलाओं से सेक्‍स का मजा

हलाला से लेता है मौलवी कमसीन महिलाओं से सेक्‍स का मजा

भांडाफोडू

डॉ0 संतोष राय की कलम से

हलाल से हलाला तक !!

इस्लामी पारिभाषिक शब्दों में “हलाल , और “हलाला ” यह ऐसे दो शब्द हैं , जिनका कुरान और हदीसों में कई जगह प्रयोग किया गया है . दिखने में यह दौनों शब्द एक जैसे लगते हैं .यह बात तो सभी जानते हैं कि,जब मुसलमान किसी जानवर के गले पर अल्लाह के नाम पर छुरी चलाकर मार डालते हैं , तो इसे हलाल करना कहते हैं .हलाल का अर्थ “अवर्जित ” होता है . लेकिन हलाला के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं .क्योंकि इस शब्द का सम्बन्ध मुसलमानों वैवाहिक जीवन और कुरान के महिला .विरोधी कानून से है .क्योंकि कुरान में अल्लाह के बनाये हुए इस जंगली ,और मूर्खता पूर्ण कानून की आड़ में मुल्ले , मौलवी और मुफ्ती खुल कर अय्याशी करते हैं
इस बात को ठीक से समझने के लिए अल्लाह की औरतों के प्रति घोर नफ़रत , और मुसलमानों की पारिवारिक स्थितियों के बारे में जानना बहुत जरूरी है,मुसलमानों में दो दो , तीन तीन औरतें रखना साधारण सी बात है . और फिर मुसलमान रिश्ते की बहिनों से भी शादियाँ कर लेते हैं .और अक्सर संयुक्त परिवार में रहना पसंद करते हैं .इसलिए पति पत्नी में झगड़े होते रहते हैं. और कभी पति गुस्से में पत्नी को तलाक भी दे देता है . चूंकि अल्लाह की नजर में औरतें पैदायशी अपराधी होती है , इसलए कुरान में पति की जगह पत्नी को ही सजा देने का नियम है .यद्यपि तलाक देने के कई कारण और तरीके हो सकते हैं , लेकिन सजा सिर्फ औरत को ही मिलती है . इसे विस्तार से प्रमाण सहित बताया गया है .जो कुरान और हदीसों पर आधारित है .

1-तलाक कैसे हो जाती है

यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी के सामने तीन बार “तलाक ” शब्द का उच्चारण कर दे , या कहे की मैंने तुझे तीनों तलाक दे दिए , तो तलाक हो जाती है ..क्योंकि इस कथन को उस व्यक्ति की कसम माना जाता है .जैसा की कुरान ने कहा है ,
” और अगर तुम पक्की कसम खाओगे तो उस पर अल्लाह जरुर पकड़ेगा “सूरा – मायदा 5 :89
तलाक के बारे में कुरान की इसी आयत के आधार पर हदीसों में इस प्रकार लिखा है ,
-“इमाम अल बगवी ने कहा है , यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से कहे की मैंने तुझे दो तलाक दिए और तीसरा देना चाहता हूँ , तब भी तलाक वैध मानी जाएगी .और सभी विद्वानों ने इसे जायज बताया है.(Rawdha al-talibeen 7/73”
“فرع قال البغوي ولو قال أنت بائن باثنتين أو ثلاث ونوى الطلاق وقع ثم إن نوى طلقتين أو ثلاثا فذاك

-“इमाम इब्न कदमा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से कहे कि मैंने तुझे तीनों तलाक दे दिए हैं . लेकिन चाहे उसने यह बात एक ही बार कही हो , फिर भी तलाक हो जायेगा .Al-Kafi 3/122

إذا قال لزوجته : أنت طالق ثلاثا فهي ثلاث وإن نوى واحدة“

2-अल्लाह की तरकीब

ऐसा कई बार होता है कि व्यक्ति अपनी पत्नी को तलाक देकर बाद में पछताता है , क्योंकि औरतें गुलामों की तरह काम करती हैं , और बच्चे भी पालती हैं . कुछ पढ़ी लिखी औरतें पैसा कमा कर घर भी चलाती है . इस इसलिए लोग फिर से अपनी औरत चाहते है .
” हे नबी तू नहीं जनता कि कदाचित तलाक के बाद अल्लाह कोई नयी तरकीब सुझा दे ” सूरा -अत तलाक 65 :1
और इस आयत के बाद काफी सोच विचार कर के अल्लाह ने जो उपाय निकाला है ,वह औरतों के लिए शर्मनाक है

3-हलाला

तलाक़ दी हुई अपनी बीवी को दोबारा अपनाने का एक तरीका है जिस के तहेत मत्लूका(तलाक दी गयी पत्नी ) को किसी दूसरे मर्द के साथ निकाह करना होगा और उसके साथ हम बिस्तरी की शर्त लागू होगी फिर वह तलाक़ देगा, बाद इद्दत ख़त्म औरत का तिबारा निकाह अपने पहले शौहर के साथ होगा, तब जा कर दोनों तमाम जिंदगी गुज़ारेंगे.हलाला के बारे में कुरान और हदीसों में इस प्रकार लिखा है ,
और यदि किसी ने पत्नी को तलाक दे दिया , तो उस स्त्री को रखना जायज नहीं होगा . जब तक वह स्त्री किसी दूसरे व्यक्ति से सहवास न कर ले .फिर वह व्यक्ति भी उसे तलाक दे दे . तो फिर उन दौनों के लिए एक दूसरे की तरफ पलट आने में कोई दोष नहीं होगा “सूरा – बकरा 2 :230

“فَإِن طَلَّقَهَا فَلَا تَحِلُّ لَهُ مِن بَعْدُ حَتَّىٰ تَنكِحَ زَوْجًا غَيْرَهُ ۗ فَإِن طَلَّقَهَا فَلَا جُنَاحَ عَلَيْهِمَا أَن يَتَرَاجَعَا إِن ظَنَّا أَن يُقِيمَا حُدُودَ اللَّهِ ۗ وَتِلْكَ حُدُودُ اللَّهِ يُبَيِّنُهَا لِقَوْمٍ يَعْلَمُونَ 2:230

(नोट -इस आयत में अरबी में ” تحلّل لهُ ‘तुहल्लिल लहु”शब्द आया है , मुस्लिम इसका अर्थ “wedding ” करते हैं , जबकि sexual intercourse सही अर्थ होता है .
इसी से ” हलालाह حلالہ ” शब्द बना है . अंगरेजी के एक अनुवाद में है “uptill she consummated intercourse with another person “यानी जबतक किसी दूसरे व्यक्ति से सम्भोग नहीं करवा लेती .)और तलाक शुदा औरत का हलाला करवाकर घर वापसी को ” रजअ رجع” कहा जाता है .
हलाला इस तरह होता है, पहले तलाकशुदा महिला इद्दत का समय पूरा करे। फिर उसका कहीं और निकाह हो। शौहर के साथ उसके वैवाहिक रिश्ते बनें। इसके बाद शौहर अपनी मर्जी से तलाक दे या उसका इंतकाल हो जाए। फिर बीवी इद्दत का समय पूरा करे। तब जाकर वह पहले शौहर से फिर से निकाह कर सकती है।
बड़े बड़े इस्लाम के विद्वान् तलाक शुदा पत्नी को वापिस रखने के लिए हलाला को सही मानते हैं , देखिये (विडिओ )
Teen Talaaq aur Halala part 1

4-हलाला का असली उद्देश्य

हलाला का उद्देश्य पति पत्नी में सुलह कराना नहीं , बल्कि तलाक दी गयी औरत से वेश्यावृत्ति करना है , जो इन हादिसों से साबित होता है ,
-“आयशा ने कहा कि रसूल के पास रिफ़ा अल कुरैजी कि पत्नी आई और बोली , रीफा ने मुझे तलक दे दिया था . और मैंने अब्दुर रहमान बिन अबू जुबैर से शादी कर ली , लेकिन वह नपुंसक है , अब मैं वापिस रिफ़ाके पास जाना चाहती हूँ . रसूल ने कहा जब तक अब्दुर रहमान तुम्हारे साथ विधिवत सम्भोग नहीं कर लेता , तुम रिफ़ा के पास वापिस नहीं जा सकती .
“إلا إذا كان لديك علاقة جنسية كاملة مع ”
Bukhari, Volume 7, Book 63, Number 186
-“उम्मुल मोमिनीन आयशा ने कहा कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी से तीन बार तलाक कह दिया , और फिर से अपनी पत्नी से शारीरिक सम्बन्ध बनाने की इच्छा प्रकट की . रसूल ने कहा ऐसा करना बहुत बड़ा गुनाह है .. और जब तक उसकी पत्नी किसी दुसरे मर्द का शहद और वह उसके शहद का स्वाद नहीं चख लेते .
“حتى انها ذاق العسل من الزوج الآخر وذاقه العسل لها ”
Abu Dawud, Book 12, Number 2302

5-हलाला व्यवसाय

जिन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पति पत्नी में झगड़े होते रहते हैं ,वहां मुल्ले मुफ्ती अपने दफ्तर बना लेते हैं , और साथ में दस बीस मुस्टंडे भी रखते हैं .इनका काम फतवे देना होता है . चूँकि इस विज्ञानं के युग में नेट , फोन ,और फेक्स जैसे साधन सामान्य है , और उन्ही के द्वारा तलाक देने का रिवाज हो चला है . कई बार मेल या फेक्स से औरत को तलाक की सूचना नहीं मिलती फिर भी मुल्ले तलाक मानकर हलाला तय कर देते हैं .

देखिये देवबंद का फतवा

अगर इंसान शराब के नशे में अपनी बीवी को फोन पर तीन बार तलाक बोल दे, लेकिन बाद में उसे पछतावा हो और वह तलाक न चाहता हो …तो क्या ऐसी सूरत में भी तलाक हो जाएगा’दारुल उलूम देवबंद के फतवा विभाग दारुल इफ्ता से। इस पर मुफ्तियों ने फतवा जारी किया है कि अगर तलाक नशे की हालत में दिया गया हो, तो भी पति-पत्नी का रिश्ता खत्म हो जाएगा। फोन पर दिया गया तलाक भी मान्य है। अगर ऐसा शख्स अपनी बीवी के साथ रहना चाहता है तो हलाला के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
the Qazi can separate them both after analyzing the case. Reference Sahih Bukhari 7:63:227 & 231

मुल्ले मुफ्ती फ़ोन से या इशारे से दी गयी तलाक को जिन हदीसों का हवाला देते हैं , उन में से एक यह है ,
-“आयशा ने कहा कि एक व्यक्ति ने सिर्फ तीन तलाक देने का इशारा ही किया था , और तलाक हो गयी , फिर उसकी पत्नी ने दुसरे आदमी से शादी कर ली .और अपने पहले पति के पास जाने की इच्छा प्रकट की . क्या ऐसा संभव है ? रसूल ने कहा जब तक उसका दूसरा व्यक्ति उसे तीसरे आदमी से सहवास नहीं नहीं करा देता , औरत पूर्व पति के पास नहीं जा सकती .Bukhari, Volume 7, Book 63, Number 187

6-हलाली मुल्लों की हकीकत

चूँकि हलाला करवाने वाली औरत को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ सम्भोग करना और उसका सबूत भी प्रस्तुत करना जरूरी होता है , और फिर ऐसे व्यक्ति को खोजना होता है , जो बाद में उसे तलाक भी दे दे, तभी वह औरत अपने पहले पति के पास जा सकती है . इस लिए इन मुल्लों ने बेकार जवान पाल रखे हैं , जो रुपये लेकर हलाला का धंदा करते है . यह लोग जासूसी करते हैं और जहाँ भी कोई शराब पीकर भी औरत से तलाक बोल देता है वहीँ हलाला करने धमक जाते हैं . विवश होकर मुर्ख मुसलमान अपनी पत्नियाँ हलाला करा लेते है, कई बार तो यह मुफ्ती फर्जी तलाकनामे भी जारी कर देते हैं .दिल्ली के पास बवाना गाँव में यही होता है .ऐसी औरतें जिनका हलाला हो जाता है , वह अल्लाह का हुक्म समझकर चुप रहती है .और मुल्लों को औरत के साथ दौलत भी मिलती है .कुछ लोग इसे बुरा भी कहते हैं , देखिये ,
Halala Nikah s of 6 time a Mosque Imam s wife( video)

7-लखनऊ की सत्य घटना

दिनांक 8 मार्च 2011 इतवार को India Times की लखनऊ संवाद दाता मंजरी मिश्रा ने एक चौंकाने वाली खबर दी थी . जिसने मुताबिक दोपहर के समय करीब 200 मुस्लिम महिलाये , सिर्फ दुपट्टा सर पर डाले हुए मुस्लिम वूमेन पर्सनल बोर्ड के दफ्तर में घुस गयीं . वह नारे लगा रही थी की मुस्लिम ख्वातीन को मुल्लों से बचाया जाए , जो फर्जी तलाकनामे बनाकर उनको हलाला करवाने पर दवाब डालते रहते है, या तलाक को रद्द करने के लिए रूपया मांगते हैं . उन औरतों का नेतृत्व शाइस्ता अम्बर कर रही थी .कुछ औरतों ने ऐसे मुल्लों की धुनाई भी कर दी थी .
Move to counter triple talaq, halala
Manjari Mishra, TNN Mar 8, 2011, 04.44am IST
अगर इतना पढ़ने और समझने के बाद भी मुस्लिम महिलाएं यह मानती हैं ,कि इस्लाम में उनको पुरुषों के बराबर अधिकार प्राप्त है , तो हमें उनकी बुद्धि पर तरस आता है , और ऐसे जंगली कानून बनाने वाले अल्लाह को अक्लमंद होने पर शंका होती है .

http://mullareality.blogspot.in/2011/10/talaq-and-halala-match-fixing-2.html

इस लेख को आप यहां भी पढ़ सकते हैं:

http://bhaandafodu.blogspot.in/search/label/%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE

About Akhil Bharat Hindu Mahasabha

64 comments

  1. you are right

  2. Timid Penspeaker

    I can only say that this truth of Islmaic torture over Kafers will come back again unless all Hindus and people of other religions are not united hard. That this will come back is the only realization to be propagandized repeatedly by all HINDU ORGANIZATOINS together.

  3. This wrong

  4. Very nice news

  5. Kripya karke …NIYOG par bhi prakash dale… mere mitr mujhe bataya…ki agar kisi stari (lady) ka pati mar jaye..to koi bhi ayAkti us stari ke sath sambhog kar sakta hai…. aur agar usse baccha ho jay to wo wyakti uska bacchr ki zimmedari naho lega….
    Kya ye baat sahi hai

    • ye sab baat aap bolke… jo baat pramanit huwa wo sab baate kiya galt ho jayenge…. ?

    • करूणेश शर्मा

      Niyog is at list on the condition of save the generation.
      And this is the last way. And
      not used on any foolish action of man, and also full agreeness of lady.

    • NIYOG vidhi men bagair sharirik sambadh bnaye bina bachhe paida kiye ja sakten hain. its a test tube baby method in our vedic age.

    • Apko kon bola ki vidhwa stree ke sath koi bhi sambhog kar sakta hai …vidhwa ki apni maryadayen hoti hai ..wo vidhivat shaleenta k sath jeevan bitati hai . ..

  6. jay shree ram

  7. Mullo ke bareme aachi information

  8. harami khbhi rastra guru nhi bn sakte modi RSS ka klutta h

    • Akhil Bharat Hindu Mahasabha

      तुम गद्दार थे , हो और रहोगे क्‍योंकि तुम्हारी सजा सिर्फ और सिंर्फ मौत है।

      • Kya ye sahi batein hai….app kyon itni nafrat phela rahe bandhu…. mete bandhu koi prtikirya deni hai to kam se kam Sabhye tarike se de..

        • Nafrat kaha hum to piyr batte he……. Nafrat to aapke logo ne pale rakkhe he. or charo or feyla v rahe he……..

  9. “सूरा – मायदा 5 :89 Allah holds not you responsible for oaths taken by misunderstanding, but He holds you responsible for oaths which you made binding then the expiation of such oaths is the feeding of ten needy people with average food with which you feed your family members, or clothing them or the freeing of a slave then who so finds not anything of these, then for him is the fasting of three days. This is the expiation of your oaths when you have sworn. And guard your oaths. Similarly Allah explains His signs to you so that you may be grateful.

    ” सूरा -अत तलाक 65 :1′ O Prophet! When you people divorce your women, then divorce them at the time of their prescribed periods and count the prescribed period, and fear Allah, your Lord. Turn them not out of their houses during prescribed period, nor should they themselves go out, unless they are involved in any flagrant indecency; These are the limits of Allah, and whoso crossed the limits of Allah, undoubtedly, he did injustice to his own soul. You know not that perhaps Allah may send any new commandment after it.

    “सूरा – बकरा 2 :225 Allah does not call you to account for your such oaths as they come out from your tongs unintentionally, yes,He calls you to account for what your hearts have done, and Allah is Forgiving, For” bearing.

    “सूरा – बकरा 2 :230 Then if she is divorced for the third time, then that women will not be lawful to him, until she lives with another husband, then if that second one divorces her, then there is no sin on the twain if they come together again, if they think that they will observe the limits of Allah, and these are the limits of Allah. He explains them for the learned.

    So no where it is mentioned that Halala is good thing Allah said that if this is the case and you divorce your wife so she is not lawfull for you unless or untill she married someone else and if he also divorced her or if he died, it does not mean that you marry some one with the intension to divorse to do halala it is totally against islam and the refrences you qouted is out of context so please read again the previous and after verses of the refrence you qouted then may be you will understood in which context it was said

    and if we talked about our societ do we think it is good to intimate with someone without marriage or if you divorce her then it is good to satisfy your urge with her when you already divorce her and u both are totally disconnected with each others feelings and you only did for your body need, is this good in your eyes i dont think so, so what if she marries some one else and some thing happen then they divorce and after that first husband and wife realise that our previous relation was good then they both agreed to live togeather so they did nikah again and live togeather so what is wrong in it Allah said in quran according to the nature of human and here Allah uplift the status of women by taking care of feelings of a women otherwise even after the divorce when ever husband want he will go to his divorced wife and fulfill his urge dont you think it is unhuman and if he did it forcefully it is rape

  10. Baba asharam ko jajanate ho voh Muslim baba hai kya sex guru kamdev baba

  11. MOHAMMAD ZULFEQUAR ALI

    Its a wrong infomation.. QURAAN SHAREEF ko samjhna hai toh pehle khud pharhiye aur samjhiye. Yeh nahi ki galat information phailaye.
    Islamic law kabhi galat baad nahi kerta.

    “Incomplete knowledge is a poison”

    • Santosh sahab thoda NIYOG par bhi prakash daliye…halala aur niyog ek hi hai…..pandit aur mullo ki makkari..

    • Sahi kaha bhai
      Manbuddhi k log hai jo apne kitabo k bare me nihi janta. Bo dusro ki baat krta hai

      • aaplog bare uche gyan rakhte he… islam maltab shantee… aaap log to bare namro sabhaw k manusha he,

  12. Quraan Shareef me ek jo An-Nisa ke naam se hai woh parh lijiye Dr. Santosh Rai. Usme sab likha Aurto ke haq ke baare !e

  13. Aapne Quraan ke meaning ko galat samjha hai aur pesh ker rahe hai…..

  14. Muslims can be wrong but Allah ka kitaab kabhi wrong nahi ho sakta……

    • Akhil Bharat Hindu Mahasabha

      ये अल्‍लाह की किताब है ऐसा क्‍या गारंटी। किसी नें अल्‍लाह के नाम पर धोख दिया है।

  15. No any website

  16. Shame full

    • Bilkul sahi kaha halala ghair islamic…inn mullo ne ise create kiya hai….jaise ki Niyog….i think ye niyog ki hi tarah ganda hai….

  17. भाई किसी भी विषय पर मुंह चियारने से पहले पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए, हलाला करवाया नहीं जाता होता है, वह इस तरह की अगर पति ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया और उस औरत ने दूसरे व्यक्ति से शादी कर ली तो वह अपने पहले पति से पूर्ण रूप से स्वतंत्र है, अब अगर उसका दूसरा पति बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से उसे तलाक देता है और वह औरत फिर से अगर अपने पहले पति से शादी करना चाहती है तो कर सकती है तो इसे हलाला कहते हैं याद रहे कि अगर यह प्रक्रिया स्क्रिप्टेड रहेगी तो निकाह मान्य नहीं होगा।
    और अगर उस औरत ने तलाक के बाद कहीं शादी नहीं की तो वह फिर उसी व्यक्ति से शादी नहीं कर सकती, यहाँ शरीयत कठोर ज़रूर है पर यह सैद्धांतिक है चूंकि शादी विवाह रोज़ रोज़ का खेल तो है नहीं, अगर किसी दंपत्ति में तलाक होता है तो यह प्रक्रिया (हलाला) उनके लिए कठोर सजा है जो उन्हें भुगतनी ही है अगर वह फिर से एक होना चाहते हैं, ताकि उससे समाज में संदेश जाए कि तलाक आसान बात नहीं ।
    लेखक साहब आप शरीयत के सिद्धांत पर सवाल उठा ही नहीं पाएंगे चूँकि यह सिद्धांत उसी का बनाया हुआ है जिसने इस ब्रह्मांड का निर्माण किया जिसने मुझे और आपको बनाया, आप से पहले भी दुनिया में बहुत से लालों ने जन्म लिया जिन्होंने शरीयत पर सवाल उठाया उन्हें उनका जवाब मिला और उन्होंने अंधकार को त्याग दिया क्योंकि उन्हें सच की तलाश थी, उनमें हिम्मत थी सच को सच की तरह लेने की। आप उनके सामने चूज़ा हैं, मैं आपको निमंत्रण देता हूँ की आप इस्लाम का अध्ययन करें, गूढ़ अध्ययन और अपने अंदर सच को सच की तरह लेने की क्षमता लाएँ।
    शुभकामनायें 🙂

    • What a fantastic covering of Islam Naaj ji.

      If Allah really wants that society should not demolish so easily than Allah must make hardest rule against divorce .
      It should not so easy for men . Talak … Talak …. Talak …. And than Halala.

      What rubbish these rules whare only women are victims.

      Don’t try to scape behind Allah and Shareyat to justify worst rules made by mulla and molvies for their own profits.

    • ye aurto ke liye kyu hai admi ka halala bhi to karwa sakte the app log bulsit…

      • Kya ye sahi batein hai….app kyon itni nafrat phela rahe bandhu…. mete bandhu koi prtikirya deni hai to kam se kam Sabhye tarike se de..

      • Bhai agar aadmi ka halala karwaya jaata to har aiyaas aadmi har dusre din talaaq deta aur apna halala karwaya think about it.

        Aur baaki Maine niche comment diya ha parh lo.

    • जो भी है इससे ये साबित होता है कि यह औरतो पर एक जुल्म है सजा सिर्फ औरत को क्यो क्या हर परिस्थिति मे गुनाह सिर्फ औरत ही करती है ये एक संसार की एक विडम्बना है की संदेह सिर्फ औरत पर किया जाता है और इन सब बातो कि सजा सिर्फ औरत को ही क्यो अगर औरत एक रात कही रह जाये तो उस पर संदेह किया जाता है और पुरुष हजारो रात कही भी रहे कोई बात नही क्योकी वो मा के पेट से गारंटी कार्ड लेकर पैदा हुआ है साला सदियो से औरत मर्दो का जुल्म सहती रही है सीता रावण के पास रहकर आई तो उनका गारंटी कार्ड माँगा गया राम ने कुछ गलत नही किया इसका क्या प्रमाण था उनके पास वो भी तो बहुत दिनो तक सीता से दुर रहे

      • ISLAM ME ADMI JAB MARTA HAI TO USE JANNAT ME 72 HOOR MILTI HAI AUR AURTON KO NAHI ISS LIYE INKI AURTON KO YAHI YAR 72 HURA MILTA HAI HALALA KE ROOP ME

    • राकेश कुमार

      नाज.महोदय /महोदया, कोई भी जाति, धर्म, समाज हो सभी मे स्त्रियों का शोषण करने के अपने-अपने तरीके निकाल रखे हैं।खास तौर पर धर्म /अल्लाह /देवताओं के नाम पर कही हलाला कही देवदासी जैसी प्रथा प्रचलित है। और इसके आड़ मे ढोंगी पण्डे/पुजारी /मुल्ला /मौलवी औरतों का खुले आम शोषण करते हैं।आपकी बात सही है कि विवाह रोज कोई खेल नहीं है और इसको भंग करने अथवा मजाक बनाने की सजा मिलना चाहिए ।कृपया जागरूकता की जरूरत है कि क्या सभी मामले मे औरतें ही दोषी होती हैं हां अथवा नहीं ? अगर नहीं तो सभी मामलों में सजा औरतों को ही क्यों दी जाती है ? इसका सीधा अर्थ है कि ढोंगी पुजारी और मौलवी धर्म के नाम पर औरतों का अपने हक में इस्तेमाल और शोषण करते हैं । इनको सजा मिलना चाहिए ॥ मामम मं

    • Mai toh janti hun mai aur aap sabhi hindu k santaan hai.. aur 1 question ki muslim e baar talaak kyun bolta hai aur isko maanna kyun jaruri hai ? Aur kya ye auraton k lie nyaysangat hai ?

    • Sahi kaha islam ki jankari hame nae hai lekin alisina to muslman hai aur wo challange bhi kiya hai har muslman ko ki use dibate kare harne pe 50000$ dega jo koi islam ko sahi thara dega

    • bachche ye bataao ye sirf aurat ko hi kyu bhugatna parta hai… uski hi diwar kyu ragraye……. mardo ko….. kya saja hai….. bataa do.

      talaaq kathin hai maan liya gunahe azeem hai…… fir sath rahna chahte hain…… to fir nikah usme v sexual intercource hi kyu bachan baddh kiya…. sirf nikah kar k hi to dusara pati chhor de to v to kubul nahi…….
      aur ye baat kitni kathin hai ye sirf aurat ka bhog kar k hi dikhane ki jarurat pe zor kyu?
      es aag se mard ko kyu nahi gujara jata sab maan hi maan me bhugatna tha to fir etna lamba fiturbazi kyu…

    • Kayrta aur neechta ka naam hi to eslam hai na mano to puri duniya me eslam ka karya dekh lo kahi sukh chain nahi .

    • मुझे मेरे हिन्दू धर्म की व्यापकता पर कोई संदेह नही और वो इतना विशाल है क़ि मेरे जीवन का अंत हो जायेगा पर मैं शायद इस धर्म के अलावा किसी और धर्म को शायद ही पढ़ पाऊँ ।
      इस्लाम का गूढ़ अध्ययन आप ही करें । मुझे ऐसी कोई आवश्यकता नही ।
      आप आपका धर्म अभी आया है साब हम सनातन काल अनादि काल से चले आ रहे हैं ।

  18. Abhay pratap singh

    💂मुस्लमान कहते है की हम सूर्य नमस्कार नही करेँगे ।
    क्यूंकि वह हिन्दुओ का देवता है ।
    चलो ठीक है मत करो…..
    💂तो कल से जल पीना छोड़ दो
    क्यूंकि जल हमारा देवता है ।
    💂खाना भी छोड़ दो…..
    क्यूंकि अन्न हमारा देवता है ।
    💂जमीन पर रहना छोड़ दो….
    क्यूंकि धरती हमारी माता है ।
    💂सास लेना छोड़ दो……
    क्यूंकि वायु हमारा देवता है ।
    💂धन रखना छोड़ दो……
    क्यूंकि लक्ष्मी हमारी माता है ।
    💂चाँद देख कर रोजा खोलना छोड़ दो….
    क्यूंकि चद्र हमारा देवता है ।
    💂पढाई करना छोड़ दो…..
    क्यूंकि सरस्वती हमारी माता है ।
    👳कह दो तुम्हारे आल्हा से तुम्हारे लिए कुछ और बनाये….

  19. Dr shantos ray jo kahna chaah rahe hai o ap ko malum to hai par ap jara apne dimag ko thoda sa aur bada le kiv ki halala ki minenng to right hai PR ap rong ja rahe ho kiv ki agar apne dimag laga kr sahi se koraan pak ko pada hota to abtak ap ne ISLAAM Kabul kr liya hota ap agar Meri mano to 1 baar kuraan paak ko meninng ke sath pado aur usko shmajne ki kosis koro ki o book ap se kya kahna chahti hai Meri baat ko mano aur ek baar dil se iss koraan paak ko pado aur fir usske baad duniya ke saath Mar. Ney me baad ye bhi ap ko malum ho jaye ga

  20. एक भारतीय की सोच

    आप लोग लड़ रहे है की कुरान सही है या गलत। मुझे नहीं पता कुरान सही है या गलत लेकिन मुझे इतना पता है की तलाक की वजह से अगर हम किसी औरत की निंदा करते है तो वो गलत है। तलाक होने में क्या एक औरत का ही हाथ होता है क्या क्यों पुरुष इसके लिए जिम्मेदार नहीं है क्या। अगर दोनों जिम्मेदार है तो सजा सिर्फ औरत को ही क्यों दी जाती है।शायद आप सब भूल रहे है की एक औरत ही होती है जो एक माँ होती है और शायद आपके भगवान या अल्लहा से भी ऊँचा उसका दर्जा होता है। आपने भगवान या अल्लाह को कभी नहीं देखा होगा लेकिन। अपनी माँ को आप देखते है क्या उसकी कद्र आपको नहीं करनी चाहिए।

    अगर कोई सा भी धर्म एक स्त्री और पुरुष में भेदभाव का सन्देश देता है तो माफ़ कीजिये में उस धर्म को नहीं मानता। औरत सिर्फ मनोरंजन का साधन मात्र नहीं है। और ये बात हम सब को समझना चाहिए।

    आप कहते है तलाक कोई खेल नहीं है तो सिर्फ तीन बार किसी पुरुष के तलाक कह देने मात्र से ही उसका सम्बन्ध टूट जाता है फिर चाहे उसमे स्त्री की मर्जी हो या ना हो।

    खुद की अंतरात्मा से पूछिये की क्या ये सही दशा है। किसी के साथ किया गया ये अमानवीय व्यवहार क्या अच्छा है। मुझे लगता है आप लोग दुनिया के सामने कितनी भी शेखी झाड़ ले लेकिन आपकी अंतरात्मा आपको गलत को गलत समझने की ताकत देगी।

    ये सुनिश्चित कीजिये की आप गलत के खिलाफ हो और हमेशा रहोगे चाहे सामने खुद का धर्म या मजहब ही क्यों ना हो। मै यहाँ किसी धर्म में कमी नहीं निकाल रहा न ही किसी धर्म की तरफदारी कर रहा हूँ। में सिर्फ इतना बोलना चाहता हूँ की सबसे पहले अपने आप की सुनो की जो हो रहा है वो सही है या गलत।

    जय माँ भारती।।। https://m.facebook.com/%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%9A-ek-bhartiya-ki-soch-910458802323584/

    • abe churkut mard apne talaq diya huwa patni ko dainmoharden(nikah ke wakt tai kiya huwa paisa) aur us aaurat ka sari zindagi ka kharch aur chhota bachacha hai to uska kharch dena parta

  21. pata nahi sach kya hai ab

  22. Jinke ghar ki deewaren sheeshe ki hoti hain wo dusaro ke gharon me patthar nahi marte. aap log apni hi kitabon ko nahi mante hai to isme koi kya kar sakta hai. Raja Dasharath ki teen teen patniyan ek sath rahti thi.
    Prabhudaasi pratha:
    Young girls who are 8 or 9 years old are married to God (prabhu). They spend their lives as prostitutes or mistresses. It’s weird but they were proud of it. This happened in parts of Southern India decades ago. It is rumored it still happens it remote rural areas . It is sort of a family tradition which a mother passes on to her daughter. These girls are not educated so they really don’t understand that they being misled.
    Sathi Pratha:
    Sati literally means ‘a pure and virtuous woman’. Sati Pratha or tradition of widow burning at the funeral pyre of her husband has been a shameful social evil and an age old practice in Indian society. A widow was burned either with her tacit consent or most of the times forcefully by her in-laws after the death of her husband. This practice shows a dark and evil side of Hindu society, especially of ancient and medieval India.
    Nude Worship in Karnataka:
    http://www.academia.edu/3791849/Nude_Worship_in_Karnataka
    Widow paraded naked for entering temple:
    http://timesofindia.indiatimes.com/india/Widow-paraded-naked-for-entering-temple/articleshow/2927206.cms
    Lekhak mahoday hawa me thukoge to muh pe hi padega

    Thoda apni gandgi ke upar bhi prakash daliye

    • Sajjad bhai humne toh apni galtiyan dur bhi kar li usi time, Shree Ram ji ki sirf sita ji hi thi. Wchan k chakkar me droupdi ji ko panchali banna pada. Rahi baat Bhagwan Shri Krishn ki toh unpe mohit hoke Gopiyan untak jati thi,but unka Hurram jaisa kuch bhi nahi tha, khai ye sab toh fir bhi biten yug ki baat hai aaplog apna dekhiye aur sudhariye.Insan me janm mila hai toh insaniyat apnayiye Haivaniyat se touba kijiye.

  23. Its a wrong infomation.. QURAAN SHAREEF ko samjhna hai toh pehle khud pharhiye aur samjhiye. Yeh nahi ki galat information phailaye.
    Islamic law kabhi galat baad nahi kerta.

    “Incomplete knowledge is a poison”

  24. Kisi v chij ko thik se jaane bina usko badnaami karna bht galat hai.Dr santosh rai ko to uski saza
    Allah dega jarur dega aur sab dekhenge.

    Aur mai agar kahu k PRABHU DAASHI kya hai ye to khule taur pe prostitution hai chhoti chhoti ladkiyon ko PRABHU DAASHI bana kar.bhagwan ki patni bolte ho aur sab khareed k har din balaatkaar karte ho paise de kar wo kya hai aisehi detail me batana pls.

    Aur haan islaam sikhaata hai k apni maa se pyar hai to dusron ki maa ko gaali mat do aur apne dharm se pyar hai to dusron k dharm ko bura mat bolo so mai Hindu dharm ko bura nahi bolta balki mere to Muslim se jyada Hindu dost hain.

    Tmhara soch ghatiya ho gaya hai isiliye tmhe har chij me burai nazar aati hai.

    Aur halala ek saza hai jyada gusse wale mardon k liye taaki har koi gusse me aa k patni ko talaq Dena fashion Na bana le aur talaaq k baad jaruri nahi k wo aurat halala kar ke usi aadmi se shadi kare wo dusre aadmi se shadi kar ke settle ho Sakti hai tab halala ki jarurat nahi par TM sayad halala ko Hindu dharm me jaruri bana chahte ho taaki apne dimaag k ochhi soch ko pura kar sake.

    To finally mai yahi bolna chahta hu k dusmani karni hai to gareebee se karo bimaari se karo corruption se karo ya Jo khudko musalmaan ya hindu bolte hain aur aatank failate hain unse karo har musalmaan aatankwaadi nahi hota so musalmaan se dusmani kar ke kuchh nahi Milne wala mere bhai hum sab ek hi maa baap k bache hain khoon khel ko badhawa mat do.

  25. Ya I agree to Hamza

  26. aus salam alay kum .dekhya bhi log ma aap logo ko kuch cherz samjhna chta ha.kidi bhi mazhab ka bara ma hum nhi kuch bol sakta .sub sa aap no likha ha ALLHA ka bra ma ki o glat ha.dusra cheez halala ki samjh aap ko nhi ha.halaa glat ha aap ko ALLHA thufiq da ki aap ko or samajh aya.aap na sirf whi cheej khija jisma aap moslamno ko badnam or bora bol saka.jo sura or uska mutlab aap bol rha ha.us ka mutlab aap shi nhi janta.ku ki QURAN dunyi ki akhree kitab ha jo asman sa utri ha.or aap ki koi aysi kitab nhi ha jo aasman sa utri.aget aap pura quran samjh la to aap muslim hu jysnga.ager yaqeen na hu to parhu or samjhu.

  27. Musalmano ki aurto ko halala karwana jaruri hai

  28. आपने इस्लाम के बारे में तोड़ मरोड़ कर भ्रांति फेलाने का काम किया है। किसी धर्म पर बिना ठोस सबूत के कीचड उछाला है। आपके खिलाफ परिवाद दायर किया जाएगा आप कोर्ट में आकर इसका जवाब देगे।आप पर किसी धर्म के अनुयाइयो की आस्थाओ को आघात पहुंचाकर अपमान किया है। आप पर मान हानि का मुकदमा चलाया जायेग तो समझ आएगा की किया बोलना है किया नहीं। पहले आप क़ुरआन का गहन अध्धयन करो।

    तलाक के बाद औरत पहले पति से सवतंत्र है क़ो इद्दत की मुद्दत पूरी करने के किसी अन्य पुरुष से निकाह कर सकती है।
    उसको कोई नहीं दबाव बनरह की वो हलाला करे ।
    उसको ज़रूरत है वापस पहले पति के पास जाने की या पहले पति को आवश्यकता है उसे दुबारा पाने की तब हलाला कहा व किया जाना मन जायेगा।
    अगर ये कानून न होता तो रोज़ तलाक हुआ करता रोज़ वापस निकाह होजाता । घरो में रोज़ क्लेश होता। अब मर्द को पता है की अगर तलाक दे दिया तो पत्नी तुम्हारी नहीं रहेगी। फिर वो किसी अन्य के साथ निकाह करने को सवतंत्र होजायेगी और इस्लाम में पुनः निकाह ऐसी किसी शर्त के साथ नहीं होता की फिर हलाला के बाद पहले पति के पास जाना होगा । और यदि पुनः उसको पाना चाहा तो वो हलाला करने के बाद ही मिलेगी इस कानून के द्वारा तलाक देने से पूर्व मर्द को भी बहुत कुछ सोचने पर मजबूर किया गया है। कियोंकि दुन्या का नियम भी है किसी खोयी हुई/सम्बन्ध विच्छेदित वस्तु गहना संपत्ति दोस्त रिश्तेदार को दोबारा पाने के लिए कुछ तो कुर्बानी देनी पड़ती है।

    कोण कहता है तलाक के बाद हलाला कराओ मत कराओ मगर शरीयत यहाँ कठोर ज़रूर है 1 बार जिस मर्द ने किसी औरत को तलाक दे दिया वो उसका खाविंद नहीं रहा। ये कहिये की अपनी औरत को तलाक देने के बाद हम कभी भी उसको अपनी पत्नी नहीं बना सकते।
    अब जिसके साथ निकाह होगा वो उसकी ही पत्नी होगी। वो अब अगर अपनी इस पत्नी (हमारी पूर्व पत्नी) को तलाक देदे तो हम निकाह कर सकते है।
    या यूँ समझये की जिसको हमने तलाक दे दिया अब वो हमारी पत्नी नहीं रह सकती। और हम अपने द्वारा तलाक दी पत्नी से दुबारा निकाह नहीं कर सकते। ; अब हम किसी अन्य के द्वारा तलाक दी हुई औरत से ही निकाह कर सकते है चाहे वो उसकी ब्याहता पत्नी रही हो या पूर्व में हमारी पत्नी रही हो या अन्य किसी और की।
    भेदभाव पूर्ण नाज़रए से न देखकर तटस्थ नाज़रए से देखो और समझो इस्लाम किया कह रहा है।
    अगर कुरआन पढ़ने के बाद वेद पुराण पढ़ने के बाद भी आप उनमे से हो जिनके लिए नीचे लिखा श्लोक लिखा गया है।
    “”””शास्त्रांणी अधित्यापि भवन्ति मूर्खा।”””

    • y baat thik hai bina jankari aap arop nai laga skte lekin dost aap ko bhi poori jankari hono chahiy

  29. This comment about ISLAM is a fake

    You do not know about Islam anything at all

    You are making wrong about islam’purify

    But Islam is the most safe religion for women

  30. bhi log ma aap logo ko ye btana,hai ki ye wrong infomation hai,puri baat jante nhi hai bhosdi ke,,डॉ0 संतोष राय,,editor bn gye,madarchod kuran ko pura pad 3bar jb samaz aayega

    मूर्खा मूर्खा मूर्खा

  31. abe churkut mard apne talaq diya huwa patni ko dainmoharden(nikah ke wakt tai kiya huwa paisa) aur us aaurat ka sari zindagi ka kharch aur chhota bachacha hai to uska kharch dena parta

  32. मै दुऑ करूंगा की अल्लाह तुम्हे कुरऑन पढ़ने के बदले हिदायत दे दे ।

  33. i am hindu and after reading about halala, its easy to understand that this ritual is there to prohibit man from giving talak to his woman trivially or in fit of rage or anger, because he knows that after giving talak his woman has to sleep with another man after doing nikah with him,,,and no virile or manly man would be able to tolerate seeing his woman sleeping with another man, biologically woman can live with sharing her husband but a man can not bear seeing his woman in another man’s bed, as in islam giving talak is so easy for a man (he just have to say talak 3 times) this halala clause is there to make it difficult for the man to use the easy method of giving talak…and i think when a muslim man uses halala to re marry his woman he is showing his weakness as man, because a man is supposed to behave responsibly and maturely specially in relation to woman….we must understand that all the religious books of all religions ( Holy Geeta, Holy Quran, Holy Bible) were written by very wise , intellectual man of their time, so its not easy to understand and fully comprehend their words by any ordinary or common person weather he is of any religion

  34. Muslamano ko bachche paida karane se fursat to milata nahi, to gyAn kaha milega. 10 -12 bache paida karate hai aur tayr ke dukan kholkar sadak pe baida dete hai. Study ke liye samay chahiye jo musalmano ko nahi hai. Sochana gunah hai sirf ratana hai