Home / अन्य / हिंदू ब्राह्मण हैं ओवैसी के पूर्वज, धर्मांतरण से इतिहास नहीं बदलता

हिंदू ब्राह्मण हैं ओवैसी के पूर्वज, धर्मांतरण से इतिहास नहीं बदलता

New Delhi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विचारक राकेश सिन्हा ने गुरुवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वजों को हिंदू ब्राह्मण बता कर सोशल मीडिया पर नया विवाद पैदा कर दिया है

प्रोफेसर सिन्हा ने अपने ट्वीटर खाते पर गुरुवार को ओवैसी को संबोधित करते हुए कहा कि आपके पुरखे हैदराबाद के ब्राह्मण थे। धर्मांतरण आपके राष्ट्रीय इतिहास और पुरखों को नहीं बदलता। ओवैसी ने सिन्हा की टिप्पणी पर पलटवार ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नहीं, मेरे परदादा, उनके परदादा और सारे परदादा पैगंबर आदम के यहां से आए हैं।

ओवैसी के जवाब पर सिन्हा ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि आपका बहुत सम्मान करते हुए मैं कहता हूं कि हमारा डीएनए एक ही है। आपके पूर्वज स्वदेशी थे और किसी विदेशी मिट्टी से नहीं आए थे। हिंदू तो सभ्यतामूलक परिभाषा है। दो विपरीत विचारधाराओं के इन नेताओं की टिप्पणियों के बाद गुरुवार को संघ बनाम शाखा और आदम बनाम मोहम्मद साहब की जंग छिड़ गई। दोनों खेमे जब एक-दूसरे पर जब ट्वीट करने लगे तो शब्दों में उसका दायरा तो महज 160 शब्दों का था लेकिन भाव में असंसदीय के दायरे तक पहुंच चुका था।

बताते चलें कि पिछले दिनों संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधामनंत्री मनमोहन सिंह पर हमला करते हुए भ्रष्टाचार से बेदाग रहने के संदर्भ में कहा था कि ‘बाथरूम में रेनकोट पहन कर नहाने की कला तो मनमोहन सिंह ही जानते हैं’। प्रधानमंत्री के इस बयान की विपक्ष ने तीखी आलोचना की थी। इसी संदर्भ में ओवैसी ने 2002 में हुए गुलबर्ग सोसायटी जनसंहार से प्रधानमंत्री मोदी के जुड़े होने को लेकर तीखे सवाल किए थे।

उन्होंने लिखा कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बाथरूम में रेनकोट पहना हुआ था तो उस समय आपने क्या पहना हुआ था जब आपके मुख्यमंत्री रहते एहसान जाफरी और दूसरों की हत्याएं की जा रही थी। रेनकोट वाले बयान पर विपक्ष के तीखे हमले का जवाब देने के लिए संघ विचारकों का खेमा भी मुस्तैदी से जुट गया जिसका नतीजा ओवैसी के पूर्वजों का डीएनए खोजने तक पहुंचा।

source : loksamachar.in

About Akhil Bharat Hindu Mahasabha