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हिन्दू महासभा का बसपा को समर्थन नहीं

पार्टी के नाम का दुरूपयोग करने पर चक्रपाणि के खिलाफ होगी काररवाई

हाईकोर्ट भी चक्रपाणि को हिन्दू महासभा का सदस्य मानने से कर चुकी है इंकार

लखनऊ। अखिल भारत हिन्दू महासभा ने आज यहां स्पष्ट करते हुये कहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकारी अध्यक्ष पण्डित बाबा नन्द किशोर मिश्र ने आज बहुजन समाज पार्टी को समर्थन की घोषणा करने वाले स्वामी चक्रपाणि के खिलाफ पार्टी के नाम का दुरूपयोग करने के आरोप में कड़ी काररवाई करने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय नई दिल्ली ने केस नम्बर एलपीए नम्बर 522/2011 में 16 मार्च 2016 को दिये निर्णय में स्वामी चक्रपाणि को हिन्दू महासभा का प्रारम्भिक सदस्य भी मानने से इंकार कर चुका है और इस निर्णय के खिलाफ स्वामी चक्रपाणि की अपील को सुप्रीम कोर्ट भी 10 मई 2013 को खारिज कर चुका है। बावजूद इसके स्वामी चक्रपाणि अपने आपको हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बता कर बहुजन समाज पार्टी को आज समर्थन की घोषणा कर न सिर्फ पार्टी के नाम का दुरूपयोग किया है बल्कि न्यायालय के निर्णय की खुलेआम अनदेखी की है। इसके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबा नन्द किशोर मिश्र ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में पार्टी में चले आ रहे सभी विवादों को भुलाते हुये चन्द्र प्रकाश कौशिक, स्वामी त्रिदंडी ने चुनाव आयोग में लिखकर दे दिया है कि पार्टी में अब कोई विवाद नहीं रह गया है और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश चन्द्र त्यागी को सर्वसम्मति से अन्तरित राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वीकार कर लिया है।

इन काररवाईयों के बीच स्वामी चक्रपाणि ने अपने को राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हुये हिन्दू महासभा के नाम से बहुजन समाज पार्टी को समर्थन करना पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की है, जिसके पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इस कृत्य के लिये पार्टी चक्रपाणि के खिलाफ कानूनी काररवाई करने के लिये ठोस कदम उठाने जा रही है।

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