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संवेदनशील मुद्दों पर बयान देकर राजनीति कर रहे हैं हामिद अंसारी

निवर्तमान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा उनके कार्यकाल के पूरे होने के एक दिन पहले अल्पसंख्यकों को लेकर दिया गया बयान बीजेपी को रास नहीं आया। बीजेपी ने गुरुवार को कहा कि अंसारी संवेदनशील मुद्दों पर बयान देकर राजनीति कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अंसानी ने बुधवार को कहा था कि देश के अल्पसंख्यक खासकर मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना है। बीजेपी ने इसपर कहा कि मुसलमानों के लिए भारत से बेहतर कोई देश नहीं है और अंसारी को तथ्यों की जांचकर देखना चाहिए कि किस सरकार में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं।

बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘जिस वक्त उन्होंने यह बयान दिया है, यह उनकी मंशा को जाहिर करता है। जब वह पद पर थे, तब उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा, जब वह पद छोड़ रहे हैं, वह राजनीति कर रहे हैं। वह राजनीति में दोबारा हाथ आजमाना चाहते हैं। उन्हें पहले यह पढ़ना चाहिए कि किस सरकार में मुस्लिम सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।’

लेखी ने साथ ही कहा कि वह अपने पद का अनादर कर रहे हैं। नई दिल्ली से सासंद ने कहा, ‘मुझे लगता था कि वह समझदार और बुद्धिमान हैं, लेकिन जो उन्होंने बयान दिया, वह उचित नहीं है। उन्हें किसी चीज की जानकारी नहीं है। उन्हें पहले उन पाठ्य-पुस्तिकाओं को पढ़ना चाहिए।’

बता दें कि अंसारी ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन गुरुवार को भी सरकार को इशारों में नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की पहचान उसमें अल्पसंख्यकों को मिली सुरक्षा से होती है। उपराष्ट्रपति अंसारी ने कहा, ‘मैंने 2012 में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के हवाले से कुछ कहा था। आज भी मैं उनके शब्दों को कोट कर रहा हूं। किसी लोकतंत्र की पहचान इससे होती है कि उसमें अल्पसंख्यकों की कितनी सुरक्षा मिली हुई है? लोकतंत्र में अगर विपक्षी समूहों को स्वतंत्र होकर और खुलकर सरकार की नीतियों की आचोलना करने की इजाजत न हो तो वह अत्याचार में बदल जाती है।’

Source : NBT

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