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इस्लामी बलात्कार विधि

सम्पूर्ण इस्लाम केवल इन पांच शब्दों में समाहित है .अय्याशी ,आतंक ,बलात्कार ,लूट और ह्त्या.केवल इन्हीं शब्दों से आप इस्लाम को आसानी से समझ सकते हैं मुसलमान सही कहते हैं कि मुहम्मद जैसा (xxx )कोई न तो हुआ है और न होगा .मुहम्मद इन शब्दों का साक्षात स्वरूप है .अपनी ग्यारह पत्निया और कई रखेलों के अलावा कई दासियों से भी उसकी वासना शांत नहीं होती थी .और मरते दम तक बनी रही ,इसके लिए वह अक्सर “गज़वा”यानी लूट पर निकल जाता है .और लोगों से कहता था कि मुझे अभी अभी अल्लाह का आदेश मिला है .लोग धन और औरतों के लालच में इस गज़वा में शामिल हो जाते थे .मुहम्मद ने ऐसे कई गज़वा यानी लूट अभियान किये थे .हम एक का विवरण दे रहे हैं –

1 -मुहम्मद को औरतें क्यों चाहिए थीं

“अबू हुरैरा से रिवायत है ,रसूल ने कहा औरतें चार कारणों से पकड़ी जाती हैं ,उनका धन (कीमत )उनका खानदान (प्रतिष्ठा बढ़ने हेतू )उनकी सुन्दरता (अय्याशी के लिए )और उनका धर्म .(अर्थात दूसरे धर्म की औरतें )

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 27

मुहम्मद जब भी लूट पर जाता था ,तो उसका लक्ष्य धन के साथ औरतें भी थीं इसके लिए वह निर्दोषों की ह्त्या तक करवा देता था .

2 -बनू कुरैज़ा हत्याकांड

सन 628 में मुहम्मद अपने हजारों लोगों के साथ मदीना से 90 मील दूर बनू कुरेजा नामके एक यहूदी कबीले पर लूट के लिए गया .कबीले के सरदार “किनाना इब्न अल रबी इब्न अबू अल हयाक”की शादी एक दिन पाहिले ही हुई थी .उसकी 20 साल की सुन्दर पत्नी “जुबैरिया बिन्त हारिस इब्न अल मुस्तालिक “से हुई थी जो सन 608 में मदीना में पैदा हुई थी .कनाना धर्मगुरु और कबीले का सरदार था .

3 -मुहम्मद ने अचानक हमला करवाया .

“इब्ने ओन ने कहा कि ,रसूल ने बनू कुरेजा पर बिना कारण अचानक हमला करवाया .उस समय कबीले के लोग जानवरों को पानी पिला रहे थे .बच्चे खेल रहे थे ,औरते काम में लगी थी .नबी के हुक्म से हम लोग मर्दों ,बच्चों को क़त्ल करने लगे .और औरतों को पकड़ने लगे .बिलाल और इब्ने उमर जुबैरिया को नबी के हवाले कर दिया .नबी को वह पसंद आगयी .बुखारी -जिल्द 3 किताब 46 हदीस 417

4 -लूट में मुहम्मद भी शामिल था

“ओन ने कहा कि इस लूट में अधिकाँश लोग मारे गए जिनमे बड़े बच्चे भी थे औरते जब भाग रही थीं नबी ने जुबैरिया को पकड लिया ,और नबी ने अब्दुला बिन उमर को और औरतें पकड़ने को कहा .मुस्लिम -किताब 19 हदीस 4292

5 – किनाना पर अत्याचार .

“नबी ने जुबैर बिन अल अव्वाम को हुक्म दिया कि किनाना के सीने पर आग जला दो .जब किनाना अधमरा हो गया तो रसूल ने “महमूद बिन मुसलामाह “से किनाना का सर कटवा दिया .(Life of muhammad -0xford -page 515

6 -मुहम्मद की जुबैरिया से शर्त

“जुबैरिया काफी सुन्दर थी .जब जुबैरिया ने अपना परिचय दिया तो मुहम्मद ने जुबैया से सौ लोगों की जान के बदले उसी समय सम्भोग करवाने की नीचतापूर्ण शर्त रख दी .विवश होकर जुबैरिया मान गयी .अबू दौउद -किताब 29 हदीस 3290

7 -जुबैरिया मुहम्मद को टालती रही .

मुहम्मद जुबैरिया से उसी समय सम्भोग करना चाहता ,लेकिन जुबैरिया बहाने करती रही कि उसका उपवास है .

“जुबैरिया ने मुहम्मद से बहाने के लिए उपवास शुरू कर दिया ,लेकिन नबी ने उसका उपवास जबरन तुड़वा दिया .और जुबैरिया को शादी के बहाने उसी समय सम्भोग के लिए विवश कर दिया .बुखारी -जिल्द 3 किताब 31 हदीस 207

8 -साफिया के साथ बलात्कार .

उसी लूट में “साफिया बिन्त हुहीय “नामकी एक और लड़की भी मुहम्मद के हाथ आयी .वह किनाना की Chief Mistress थी साफिया सन 610 में पैदा हुई थी .जब मुहम्मद लूट के बाद अपने लुटेरों और पकड़ी गयी औरतों को लेकर वापस मदीने जा रहा था .वह रास्ते में “सिद्द अश्शाबा “नामकी जगह पर ठहर गया .उसने अपने गुलाम “बिलाल “से कहा कि बनू कुरेजा की किसी सुन्दर औरत को लाओ .बिलाल ने साफिया को पेश कर दिया

.बुखारी -जिल्द 2 किताब 14 हदीस 68 और लाइफ ऑफ़ मुहम्मद ऑक्सफोर्ड .पेज 391 ,392

9 -रास्ते में ही बलात्कार

मुहम्मद ने मदीना पहुँचाने तक सब्र नहीं किया .और तुरंत बलात्कार कर डाला .इसकी कई हदीसें है ,कुछ दे रहे हैं .

“मुहम्मद ने बिलाल से एक चमड़े का गद्दा बिछाने को कहा ,जिसमे खजूर के पत्ते कूट कर भरे थे .रसूल ने साफिया को उसी पर गिरा कर सबके सामने सम्भोग किया .मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3329

बुखारी -जिल्द 1 किताब 8 हदीस 367

बुखारी -जिल्द 3 किताब 34 हदीस 437

बुखारी -जिल्द 5 किताब 59 हदीस 512

10 -मुहम्मद की इस्लामी बलात्कार की विधि

चूकी मुहम्मद पकड़ी गयी जादा औरतों से बलात्कार करके उन्हें या तो अपने लोगों में बाँट देता था या बेच देता था .वह औरतों को गर्भवती नहीं होने देता था .गर्भवती औरतों की कीमत कम हो जाती थी .इसके लिए मुहम्मद सम्भोग में “अज़ल “करता था .इसमे सम्भोग के बाद स्खलन से पूर्व अपना वीर्य जमीन पर गिरा दिया जाता है .पुरी विधि यह है –

Al-‘Azl, (العزل) also known as coitus interruptus, is the practice of having sexual intercourse with a woman but withdrawing the penis before ejaculation. Apparently al-‘Azl with female captives and slaves was a pretty important topic for Muhammad and his companions as is evidenced by the abundance of Hadith material on the subject

11 -अज़ल के समय कुरआन नाजिल होती थी

“जबीर ने कहा कि ,जब भी रसूल अज़ल करते थे कुरआन की आयत नाजिल होती थी .बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 136

“रसूल दासियों के साथ अज़ल करते थे ..बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 135

“अबू सईद ने कहा कि नबी ने कहा कि गुलाम औरतों से अज़ल जायज है .अल्लाह ने औरतों को इसी लिए बनाया है

अबू दौउद -जिल्द 11 किताब 21 हदीस 66

12 -औरतें खेती है ,पानी डालो या सूखा छोड़ दो

“जिद बिन साबित से रिवायत है ,रसूल ने कहा दासियाँ खेती है .तुम चाहो पानी डालो या नही .मुवात्ता -जिल्द 29 किताब 32 हदीस 99

13 -बलात्कार जायज है

“तुम्हें पकड़ी गई औरतों से पूछने की जरूरत नही है कि वह सम्भोग के लिए राजी हैं या नहीं .तुम जबरदस्ती सम्भोग कर सकते हो ..उनकी इच्छा का कोई महत्त्व नहीं है .मुवात्ता -जिल्द 29 किताब 32 हदीस 100

अन्य हदीसें भी देख लीजिये –

मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3394 ,3373 ,3374 मुवात्ता -जिल्द 29 किताब 32 हदीस 96 ,97 मुवता -जिल्द 8 किताब 23 हदीस 25

अब इतने प्रमाण होने पर भी लोग मुहम्मद को आदर्श पुरुष साबित करना चाहते हैं और दूसरों को नीचा साबित करना चाहते है .मुहम्मद पर तो “दरूद “तारीफ़ की जगह “मरदूद “करना चाहिए .

मेरा मुस्लिम महिला ब्लोगरों से निवेदन है कि यह लेख जरुर पढ़ें .और प्यारे रसूल के बारे में महिलाओं को बता कर सवाब कमायें .

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स्रोत – भंडाफोडू

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