Home / सच्चाई / इस्लाम / हिन्दुत्व” की अवधारणा ही इस देश में सबको रहने का समान अवसर देती है,” वर्ना गृहयुद्ध होकर रहेगा।”हिन्दुत्व” की अवधारणा ही इस देश में सबको रहने का समान अवसर देती है, वर्ना गृहयुद्ध होकर रहेगा।

हिन्दुत्व” की अवधारणा ही इस देश में सबको रहने का समान अवसर देती है,” वर्ना गृहयुद्ध होकर रहेगा।”हिन्दुत्व” की अवधारणा ही इस देश में सबको रहने का समान अवसर देती है, वर्ना गृहयुद्ध होकर रहेगा।

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बहुत दिनों से सोच रहा था, आपको “इस्लामिक जिहाद” से सम्बन्धित कुछ बातें साझा करुं।

जिससे कुछ खास बाते आपको भी पता चले •••••

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✴️1985 में “अलकायदा” की स्थापना ने बाद बाकी सारी दुनिया की तरह भारत में भी मुस्लिम जिहादियों को नये सिरे से संगठित होने का मौका मिला।

जिसका परिणाम कश्मीर घाटी में 1989-90 में मुस्लिम जिहादियों द्वारा हिन्दू मिटाओ, हिन्दू भगाओ अभियान के रूप में देखने को मिला। जिसके परिणामस्वरूप आज सारी “कश्मीर घाटी” को हिन्दुविहीन कर दिया गया। ‼️

जिस तरह ये सैकुलर गिरोह, हिन्दुओं पर किये गए हर हमले के बाद राम मन्दिर का तर्क देकर इसे बदले में की गई कार्यवाही बताकर सही ठहराने का दुस्साहस करता है। अगर इनके इस तर्क को माना जाए तब तो जिस तरह मुस्लिम जिहादियों ने ‘मुस्लिम बहुल’, कश्मीर घाटी से सब हिन्दुओं का सफाया कर दिया। उसी तरह बदले में हिन्दुओं को सारे हिन्दु बहुल भारत से मुसलमानों का सफाया कर देना चाहिये।

जिस तरह कश्मीर में वहां की मुस्लिम पुलिस, प्रेस, नेताओं ने मुसलमानों के “हिन्दुमिटाओ-हिन्दुभगाओ” अभियान को सफल बनाने में हर तरह का सहयोग दिया। तो इनके इस तर्क के अनुसार सब हिन्दू पुलिस, प्रैस व मीडिया व नेताओं को हिन्दुओं के इस मुस्लिम मिटाओ मुस्लिम भगाओ अभियान में सहयोग करना चाहिए।

जिस तरह “हुरियत कान्फ्रैंस” ने सारे देश व संसार के मुसलमानों का समर्थन, आर्थिक सहयोग, इन मुसलमानों के “हिन्दू-मिटाओ हिन्दू-भगाओ” अभियान के लिए जुटाया। वैसा ही समर्थन व आर्थिक सहयोग सब “हिन्दू संगठनों” को मिलकर हिन्दुओं के इस अभियान को सफल बनाने के लिए जुटाना चाहिए।  🔥🚩 ✊✊

अतः हम तो यही कहेंगे कि अगर हिन्दू, इस तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहे हैं, तो उसे उनकी कमजोरी मानकर उन्हें ‘साम्प्रदायिक व आतंकवादी’ कहकर दुनिया में फजूल में बदनाम न किया जाए।

क्योंकि जिस दिन हिन्दुओं ने इस बदनामी से तंग आकर इसे यथार्थ में बदलने का मन बना लिया! उस दिन न हिन्दुओं पर हमला करने वाले बचेंगे न हमलों का “समर्थन” करने वाले बचेंगे।

हिन्दू, मुस्लिम जिहादियों के हर हमले को सहन कर रहे हैं। अपने हिन्दू भाईयों को अपने सामने कत्ल होता देख रहे हैं। फिर भी इन्सानित व मानवता की रक्षा की खातिर खामोश हैं। पुलिस-प्रशासन, सरकार से न्याय की उम्मीद लगाये बैठे हैं।

दूध पीते बच्चों तक को इन जिहादियों ने मार्च 1998 में “मुस्लिम जिहादियों” द्वारा कत्ल किया गया!

मेरी जानकारी में सैकड़ों हिंदुओं को मुसलमान जेहादी मार कर पका कर खा गऐ। केवल इस कारण से की वो बेचारे “कश्मीरी ब्राह्मण” थे।

हिंदू का दुर्भाग्य देखिए! अधिकांश हिंदुओं को पता भी नहीं कि हिंदुओं के साथ ऐसा हुआ भी है या कल उनका भी ऐसा होने वाला है। क्योंकि धर्मनिरपेक्षता के नाम पर यह खबर दबा दी गई। ‼️

आज 21वीं शताब्दी में “हिन्दु-बहुल भारत” में हिंदू को कोई मार ही नहीं! बल्कि पका कर खा जाए!!

उसे बकरे जैसा हलाल कर दिया!! सब तमाशा देखते रहे हिन्दू को ही “बदनाम” करते रहे और हिन्दू फिर भी खामोश रहा।

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अल्पसंख्यकवाद, के नाम पर ईसाईयों व मुसलमानों के बच्चों को “विशेषाधिकार” देकर हिन्दुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनाकर रख दिया, फिर भी हिन्दू मूक रहा। ‼️💢

सेना में हिन्दुओं की “अधिक संख्या’ पर सवाल उठा दिया गया, फिर भी हिन्दू मूक रहा।

हिन्दुओं, के लगभग हर सन्त को बदनाम करने का दुस्साहस किया फिर भी हिन्दू मूक रहा।

अन्त में ‘हिन्दू धर्म” के आधार स्तम्भ भगवान राम के अस्तित्व को नकार दिया फिर भी हिन्दू मूक रहा। ‼️

ये सब कुछ सहने के बाद हिन्दू को दुनिया भर में “आतंकवादी” कहकर बदनाम कर दिया हिन्दू फिर भी खामोश रहा।

लेकिन अब हिन्दू शांत नहीं बैठने वाला।🚩🚩

अब उसने इन हमलों से खुद निपटने का मन बना लिया है। अब वो समझ गया है कि ये वो ही “मुस्लिम जिहादी” हमला है; जिसका सामना हिन्दुओं ने सैंकड़ों वर्षों तक किया है। इस आतंकवादी हमले का सामना हमें कृष्ण देवराय, रानी दुर्गावती, बन्दा सिंह बहादुर जैसे महान योद्धाओं की तरह ही करना पड़ेगा।

इसके लिए हमें वो सब मार्ग अपनाने होंगे जो मुस्लिम आतंकवादी, हिन्दुओं को मारने के लिए अपना रहे हैं।

हमें महाराणा प्रताप व छत्रपति शिवाजी जैसे वीर योद्धाओं के उस सीख को फिर से याद करना होगा, जिसके अनुसार “मुस्लिम आतंकवाद” को खत्म करने के लिए मुस्लिम जिहादियों को ढूंढ-ढूंढ कर उनके घर में घुस कर मारना होगा।

हमें वीर योद्धा “पृथ्वीराज राज” द्वारा की गई गलती से मिले सबक को याद रखकर उस पर क्रियान्वयन करना होगा। अगर वीर योद्धा, “पृथ्वी राज” कब्जे में आये, उस “मुस्लिम जिहादी राक्षस”, मुहम्मद गौरी को न छोड़ता तो हिन्दुओं को इतना हानि न उठाना पड़ती।

हिन्दुओं को गीता के इस उपदेश के अनुसरण की जरुरत है।

भग्वद्गीता अध्याय २, श्लोक ३३ 👇

हर हर महादेव 🚩🚩

दादाजी 🌺🌹

साभार: तारक नाथ

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