Home / सच्चाई / इस्लाम / जन्नत में जाकर क्या मिलेगा ?

जन्नत में जाकर क्या मिलेगा ?

विश्व के सभी धर्मों में नरक और स्वर्ग के बारे में बताया गया है .आम तौर पर लोग मानते  हैं कि हरेक व्यक्ति के शुभ और अशुभ कामों के आधार पर ,मरने के बाद उसकी आत्मा नरक या स्वर्ग में जायेगी.लेकिन इसमे भी दो प्रकार की मान्यताएं हैं.भारतीय धर्म जैसे हिन्दू ,जैन,बौद्ध और सिख मानते हैं कि जब आत्मा अपने सारे कर्मों का फल भोग लेती है तो उसका दूसरा जन्म हो जाता है.लेकिन विदेशी धर्म जैसे पारसी ,यहूदी ,ईसाई और मुसलमानों के अनुसार जब कियामत होगी तो सारे मुर्दे ज़िंदा किये जायेंगे ,और उन्हें उनके कर्मों के आधार पर नहीं बल्कि किसी नबी या रसूल की सिफारिश से स्वर्ग में भेजा जाएगा .जिसका ईमान उस धर्म के नबी पर नही होगा उसे नरक भेज दिया जाएगा .उसके बाद वह नरक या स्वर्ग में हमेशा अनंतकाल तक रहेंगे .नरक कैसा भी हो वहां कोई नहीं जाना चाहेगा .इसलिए इन धर्म गुरुओं ने स्वर्ग के बारे में ऎसी ऎसी बातें लिख दीं जिससे लोग आकर्षित होकर उनके धर्म में शामिल हो जाएँ .भारतीयों को कई चिंता की जरुरत नहीं है ,क्यों कि उनका दूसरा जन्म हो जाएगा .हम विदेशी धर्मों के स्वर्ग के बारे में बात कर रहे हैं

1-पारसिओं का स्वर्ग -बहिश्त

पारसिओं का धर्म ग्रन्थ ज़न्द अवेस्ता है .इसका गुजराती में दस्तूर रुस्तम जी एदलजी ने अनुवाद किया है जो 1931 में चंदनवाड़ी मुम्बई से प्रकाशित हुआ था .इसमे पेज नंबर 440 से 578 तक बहिश्त के बारे में बताया गया है .

सन्दर्भ के लिए पेज नंबर दिए गए है .

बहिस्त जवाहरों और रत्नों से जड़ी हुई है 505..बहिश्त में जाने के लिए तीन सीढियां है 507.पीने के लिए ईरानी जरामाया शराब मिलेगी 507.वहां तीन मजिल का मकान मिलेगा ,जिसकी हवा सुगंदित होगी 508.हरेक नर नारी शराब का मजा लेंगे,और काम संतुष्टि के लिए हर प्रकार के साधन मिलेंगे 508.हरेक पुरुष और स्त्री आपस में शारीरिक सम्बन्ध बना सकेंगे ,हरेक पुरुष को दो दो सुन्दर कुमारियाँ मिलेंगी जो उसे हाथ पकड़ कर मकान में ले जायेंगी .516.इच्छानुसार भोजन मिलेगा .ऐसी लड़कियां मिलेंगी जिनके कपडे पारदर्शी होंगे 487.बहिश्त में सदा वसंत रहेगी .487.हरेक को खूबसूरत कन्या मिलेगी 488.सुन्दर और ऊंचे खानदान की लड़कियां मिलेंगी 487.

2-यहूदिओं का स्वर्ग -शमायिम

यहुदिओं के धर्म ग्रन्थ तहलीम ,शीर ह सीरीम में शमयिम के बारे में लिखा है.यह किताब अंग्रेजी में 1910 में डब्लू एल एलेन ने लन्दन में छापी थी.इसमे आयत नंबर भी दिए गए है .इसमे यहूदिओं के स्वर्ग शमयिम के बारे में लिखा है .

वहां सारे वस्त्र सुगन्धित होंगे 150:8.हाथीदांत के भवन में निवास होगा ,वहां कुलीन कुमार्यां मिलेंगी जो तेरी पटरानियाँ होंगीं 60:3.शोभायमान महल होंगे ,लड़ खडाने वाली शराब मिलेगी ,चर्बी वाला भोजन मिलेगा 60:4 ऎसी कन्याएं मिलेंगी जिनकी छातियाँ अभी नहीं उभरी हैं.63:6.

जिनकी नाभी कटोरे जैसी हो,जिनके स्तन मृगनी के जुड़वें बच्चे जैसे हों .वे चारों तरफ दफ बजायेंगी.जिनकी जांघें हाथी दांत जैसी हों 68:25

3-ईसाइयों का स्वर्ग -पैराडाइज

इसके बारे में नया नियम की किताब प्रकाशित वाक्य में दिया गया है .इसमे अध्याय और आयत नंबर दिए गए है

वहां न गरमी है न सर्दी 3:15,ऊंची उंची दीवारें है ,जो रत्नों से जड़ी होगी वहां चाद की रोसनी कि जरूरत नहीं होगी 21:23 ,बीच में एक नदी है ,एक बाग़ है जिसमे जीवन का पेड़ है ,जिसपर 12 प्रकार के फल लगते हैं.वहां कोई शोक ,पीड़ा और विलाप नहीं होगा 20:4.पहिनने के लिए महीन मलमल मिलेगा 19:8.हरेक को दोगुना फल मिलेगा 18:20,स्वर्ग में युगानुयुग रहेंगे 2:6

4-मुसलमानों का स्वर्ग -जन्नत

जन्नत के बारे में कुरआन की सूरा 55 रहमान और सूरा 56 अल वाकिया में बता गया है पाहिले सूरा रहमान से ,आयत नंबर दी गयी है

जन्नत में बड़े बड़े बाग़ होंगे 46-47,हर मेवा दो प्रकार का है 52,बिछौने पर तकिया जो दबीज की रेशम का होगा बगिचेमे फल लटक रहे हैं 53-54ऎसी लज्जावती औरतें होंगी ,जिनको किसी ने आज तक हाथ भी नहीं लगाया ,उनकी आँखें लाल मणि जैसी हैं 56-58.दो पानी के उबलत सोते हैं ६६,मेवे खजूर और अनार हैं 68,सुन्दर औरतें हैं,जिनकी आँखें हिरनी जैसी हैं ,वे खेमों में रहती हैं 70-72 उन औरतों को जिन्न या मनुष्य ने हाथ नहीं लगाया है 74 .सब हरी मसनादों और कालीन पर आराम करेंगे 76

सुरा 56 अल वाकिया के अनुसार जन्नत में

लोग जडाऊ तख़्त पर बैठेंगे 56,वहां किशोर सुन्दर लड़के भी होंगे ,जिनकी आयु एक जैसी होगी 17,वे भर भर कर शराब पिलायेंगे 18 ,जिस पक्षी का मॉस चाहो खाओ 21,सुन्दर रूपवती औरते होंगी 22,दूर तक छाओं और बहता पानी है ,बहु सारे मेवे है 30-33स्त्रियाँ हैं जिन्हें उठाव पर उठाया गया है ,वे कुमारियाँ हैं और प्यारी हैं ,सब्कीई आयु सामान है 35-37

अब मैं चाहता हूँ कि यह सब जानकर आप खुद ही फैसला करें कि सत्य क्या है .यह स्वर्ग का वर्णन है ,या किसी वेश्यालय का विज्ञापन है , और इन धर्मो का उद्देश्य लोगों को सदाचारी बनाना है या अय्याश और दुराचारी , फैसला करिये . यह चार साल पुराना लेख है

.( No181/ 103 .12 जून 2010)

About Akhil Bharat Hindu Mahasabha